ODOP Farrukhabad: उत्तर प्रदेश का ऐतिहासिक जिला फर्रुखाबाद सदियों से अपनी समृद्ध कपड़ा विरासत और बारीक दस्तकारी के लिए पहचाना जाता रहा है। एक तरफ जहां गंगा किनारे बसे इस शहर की लकड़ी के छापों (ब्लॉक) की थाप पर कपड़ों पर उतरते रंग इतिहास बोलते हैं, वहीं दूसरी ओर धातु के धागों और सितारों से सजी जरी-जरदोजी की नक्काशी इसकी शाही पहचान को बयां करती है।
प्रदेश सरकार की एक जिला-एक उत्पाद (ODOP) योजना के तहत फर्रुखाबाद की इन पारंपरिक कलाओं को नई उड़ान मिली है, जिससे स्थानीय कारीगरों को अंतरराष्ट्रीय बाजार में पहचान मिल रही है।

ब्लॉक टेक्सटाइल प्रिंटिंग
फर्रुखाबाद की ब्लॉक प्रिंटिंग (कपड़ा छपाई) की कला को जीआई टैग प्राप्त है, जो इसकी विशिष्टता और शुद्धता को प्रामाणिक बनाता है। कारीगर लकड़ी और पीतल के तराशे हुए छापों का उपयोग करके सूती (Cotton) और रेशमी (Silk) कपड़ों पर बेहद बारीक पैटर्न बनाते हैं। यहाँ के जीवंत डिज़ाइन, पारंपरिक रंगों का संतुलन और प्राकृतिक आकृतियाँ इस छपाई को अद्वितीय बनाती हैं। परिधान, होम फर्निशिंग और लाइफस्टाइल प्रोडक्ट्स के रूप में इसकी मांग भारतीय महानगरों से लेकर विदेश तक फैली हुई है।

जरी-जरदोजी
जरी-जरदोजी फर्रुखाबाद की उस कलात्मकता का प्रतीक है जो सादे कपड़े को भी शाही रूप दे देती है। कारीगर धात्विक धागों, मोतियों, सितारों और सेक्विन के माध्यम से कपड़ों पर हाथ से जटिल कसीदाकारी करते हैं। यह कला मुख्यतः शादी-विवाह के परिधानों, साड़ियों, लहंगों और भारी कसीदेदार कपड़ों में इस्तेमाल होती है। यह उद्योग फर्रुखाबाद के हजारों परिवारों और कारीगरों के लिए आजीविका का मुख्य साधन है।
ODOP से कारीगरों को मिला लाभ
एक जिला-एक उत्पाद (ODOP) पहल ने केवल फर्रुखाबाद के उत्पादों को ही नहीं सहेजा, बल्कि इसके कारीगरों को प्रत्यक्ष वित्तीय सहायता, आधुनिक प्रशिक्षण, पैकेजिंग सपोर्ट और अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शनियों का मंच प्रदान किया है।
ओडीओपी योजना के तहत स्थानीय इकाइयों को स्थापित करने और विस्तार देने के लिए जिला उद्योग केंद्र के माध्यम से ऋण और मार्जिन मनी (अनुदान) उपलब्ध कराया जा रहा है। ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स (अमेज़न, फ्लिपकार्ट) और राज्य स्तरीय प्रदर्शनियों के जरिए कारीगर अब बिचौलियों के बिना सीधे अपने उत्पाद बड़े शहरों और ग्राहकों तक पहुँचा रहे हैं। कारीगरों को वर्कशॉप्स के जरिए नई डिजाइनिंग तकनीक का प्रशिक्षण और आधुनिक टूलकिट दिए जा रहे हैं।

