संकिसा (संकस्य)
महाभारत और महाजनपद काल में यह पांचाल क्षेत्र का प्रमुख नगर था जो जिला मुख्यालय से 37 किमी की दूरी पर स्थित है। रामायण में इसका उल्लेख महाराज जनक के छोटे भाई कुशध्वज के राज्य के रूप में मिलता है। यह स्थान बौद्ध धर्म के अनुयायियों के लिए विशेष महत्व रखता है। इसे बुद्ध के जीवन से जुड़े आठ प्रमुख स्थलों में से एक माना जाता है। मान्यता है कि बुद्धत्व प्राप्ति के सात वर्ष बाद भगवान बुद्ध ने यहीं पर अभिधम्म की शिक्षा दी थी और वे श्रावण पूर्णिमा के दिन यहाँ अवतरित हुए थे। यहाँ एक प्राचीन टीला है, जो पुरातत्व विभाग द्वारा संरक्षित है। इस टीले पर बिसहरी देवी का एक मंदिर भी है और इसके पास सम्राट अशोक द्वारा बनवाया गया एक अशोक स्तंभ भी स्थित है। प्रसिद्ध इतिहासकार अलेक्जेंडर कनिंघम ने भी अपनी किताब में इस स्थान का विस्तार से वर्णन किया है। बर्मा, चीन, श्रीलंका और जापान जैसे कई देशों से बौद्ध श्रद्धालु इस स्थान पर दर्शन व परिक्रमा करने आते हैं।
