8 Apr 2026, Wed

Sankisa: बौद्ध इतिहास और आध्यात्मिकता का संगम

Sankisa: संकिसा (जिसे प्राचीन काल में संकाश्य कहा जाता था) केवल एक ऐतिहासिक स्थल नहीं, बल्कि बौद्ध धर्म के अनुयायियों के लिए एक अत्यंत पवित्र तीर्थस्थल है। यदि आप शांति, इतिहास और पुरातात्विक महत्व वाली जगहों की तलाश में हैं, तो संकिसा आपके लिए एक बेहतरीन गंतव्य हो सकता है।

महाभारत और महाजनपद काल में यह पांचाल क्षेत्र का प्रमुख नगर था जो फर्रुखाबाद जिला मुख्यालय से क़रीब 37 किमी की दूरी पर स्थित है। वाल्मीकि रामायण में इसका उल्लेख महाराज जनक के छोटे भाई कुशध्वज की राजधानी के रूप में मिलता है। यह स्थान बौद्ध धर्म के अनुयायियों के लिए विशेष महत्व रखता है। इसे बुद्ध के जीवन से जुड़े आठ प्रमुख स्थलों में से एक माना जाता है। बौद्ध ग्रंथों में संकाश्य का उल्लेख भगवान बुद्ध के स्वर्ग पधार कर उपदेश देने के स्थान के रूप में मिलता है। मान्यता है कि बुद्धत्व प्राप्ति के सात वर्ष बाद भगवान बुद्ध ने यहीं पर अभिधम्म की शिक्षा दी थी और वे श्रावण पूर्णिमा के दिन यहाँ अवतरित हुए थे। यहाँ अनेक देशों द्वारा बनवाये गये बौद्ध मंदिर और चैत्य हैं जो अत्यंत दर्शनीय है। यहाँ एक प्राचीन टीला है, जो पुरातत्व विभाग द्वारा संरक्षित है। इस टीले पर बिसहरी देवी का एक मंदिर भी है और इसके पास सम्राट अशोक द्वारा बनवाया गया एक अशोक स्तंभ भी स्थित है। प्रसिद्ध इतिहासकार अलेक्जेंडर कनिंघम ने भी अपने यात्रा वृतांत में इस स्थान का विस्तार से वर्णन किया है। म्यांमार, चीन, श्रीलंका, कंबोडिया और जापान जैसे कई देशों से बौद्ध श्रद्धालु इस स्थान पर दर्शन व परिक्रमा करने आते हैं।

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