24 Jan 2026, Sat

कम्पिल (काम्पिल्य)

महाभारत काल में पांचाल प्रदेश की राजधानी रही कम्पिल जिला मुख्यालय से 45 किमी (पश्चिम) दूर है। इसका उल्लेख रामायण तथा महाभारत में भी मिलता है। महाभारत में इसका उल्लेख द्रौपदी के स्वयंवर के समय किया गया है कि राजा द्रुपद ने द्रौपदी स्वयंवर यहाँ आयोजित किया था। यहां कपिल मुनि का आश्रम भी विद्यमान है जिसके अनुरूप यह नामकरण प्रसिद्ध हुआ। यह जैन धर्म का भी प्रसिद्ध पवित्र स्थल है। जैन धर्म के अनुसार प्रथम तीर्थंकर श्री ऋषभदेव ने इस नगर का सौंदर्य तथा महत्वोपदेश दिया। यह तेरहवें तीर्थंकर स्वामी विमलनाथ की जन्मस्थली भी है। वर्तमान में यहाँ दो प्रसिद्ध श्वेताम्बर तथा दिगम्बर जैन मंदिर है। शत्रुघ्न ने लवणासुर दैत्य का वध करने के लिए मथुरा जाते समय यहाँ शिवलिंग स्थापित किया था। बौद्ध साहित्य में भी काम्पिल्य का बुद्ध के जीवन चरित के सम्बन्ध में वर्णन मिलता है। चीनी यात्री युवान च्वांग (ह्वेनसांग) ने भी यात्री ने भी यात्रा की। इस नगर का सम्पूर्ण यात्रा के प्रवेश में देखा था।