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28 Oct 2026, Wed

Know Our Farrukhabad


फर्रुखाबाद उत्तर प्रदेश का एक ऐतिहासिक रूप से महत्वपूर्ण शहर है, जिसकी स्थापना 1714 में नवाब मुहम्मद खान बंगश ने मुगल बादशाह फर्रुखसियर के शासनकाल के दौरान की थी। हालांकि, इसकी औपचारिक स्थापना से पहले, यह क्षेत्र महाभारत काल से जुड़ा एक प्राचीन स्थान था, जहां काम्पिल्य (कम्पिल) दक्षिण पांचाल की प्राचीन राजधानी थी और संकिसा जैसे स्थल मौजूद थे, जो एक प्रसिद्ध बौद्ध तीर्थस्थल है।

इस शहर ने 1857 के भारतीय विद्रोह में अपनी सक्रिय भूमिका निभाते हुए देश के स्वाधीनता संग्राम में भी योगदान दिया। फर्रुखाबाद की पहचान उसकी ‘गंगा-जमुनी तहज़ीब’ में गहराई से निहित है, जहाँ सदियों से हिंदू और मुस्लिम संस्कृतियाँ, रीति-रिवाज, कला और भाषाई परंपराएँ एक दूसरे में समाहित होकर एक अनूठी सांस्कृतिक पहचान बनाती हैं।

यह वह भूमि है जिसे श्रृंगी ऋषि, च्यवन ऋषि, धौम्य ऋषि और कपिल मुनि जैसे महान ऋषियों का आशीर्वाद प्राप्त है, और जहाँ महात्मा बुद्ध, स्वामी विमलनाथ और शेख मखदूम जैसी आध्यात्मिक विभूतियों ने ज्ञान का प्रकाश फैलाया। फर्रुखाबाद ने साहित्यिक और सांस्कृतिक क्षेत्र में भी कई महान हस्तियाँ दी हैं, जिनमें महादेवी वर्मा, गुलाम रब्बानी ‘ताबां’, ललन पिया और हाजी विलायत अली जैसे नाम शामिल हैं, जिन्होंने इसकी विरासत को और भी समृद्ध किया।

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